*समागम के दूसरे दिन भी बही कथा और कीर्तन की प्रबल रस धारा*

धार्मिक
आगरा।32 वे गुरमत समागम के दूसरे दिन आज गुरुद्वारा गुरु के ताल स्थित भाई नन्द लाल समागम हाल आज प्रातः से देश के विभिन्न हिस्सों से कथा वाचक एवं कीरतनी जत्थों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब से गुरवनी का गायन का संगत का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विशेष रूप से श्री अकाल तख्त साहिब से सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी ने संगत के दर्शन किए। संगत को संभोदित करते हुए उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी कि 550 साला प्रकाश पर्व मनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हम उनके बताए हुए रास्ते पर चले उनकी शिक्षा पर अमल करे।नाम जपे, बाट के खाए, किरत करे ।
जालंधर से पधारे भाई हरजोत सिंह जख्मी ने
*आए से परवान*
अर्तार्थ जो जीवात्मा इस दुनिया में आकर परम पिता परमात्मा की भक्ति में लीन हो जाते है।उनका जीवन सफल हो जाता है
ज्ञानी हरविंदर सिंह सोहाना से पधारे ने साहिब श्री गुरु नानक देव महाराज के बारे में बताते हुए बताया कि जब उन्होंने कलयुग में अवतार लिया तब इस धरती पर अधर्म कर्म काण्ड का बहुत ज्यादा फेलावा था ।गुरु नानक साहिब महाराज जी ने सभी धर्म वर्ग के लोगो को खत्री, ब्रह्मण ,शूद्र,वैश्य चारो वर्णों के लोगो को साझा उपदेश दिया।
गुरुद्वारा बंगला साहिब से पधारे भाई प्रेम सिंह बंधू हजूरी रागी ने
*तू दाता दातार तेरा दित्ता खावना*
का गायन करते हुए कहा कि संसार में जीवन जंतु से लेकर इंसानों तक सभी उस परम पिता परमात्मा का दिया हुआ है।
उससे पूर्व भाई जगतार सिंह एवं भाई कुलदीप सिंह कोमल हजूरी रागी ने गुरु ग्रंथ साहिब से गुरबाणी का गायन कर संगत का मन मोह लिया।
भाई मनमोहन सिंह निमाना एवं भाई रत्न सिंह ने गुरु नानक देव जी की साखी सुनाई।
संचालन बंगला साहिब गुरुद्वारे से पधारे ज्ञानी अंग्रेज सिंह ने किया।
शाम को दीवान की आरंभ ता शाम 7 बजे से हुई जो रात्रि 12 बजे तक कीर्तन और कथा का प्रवाह निरंतर जारी रहा।
समागम में संत बाबा प्रीतम सिंह,कांवलदीप सिंह ,बाबा जसवंत सिंह,मास्टर गुरनाम सिंह,बंटी ग्रोवर,जत्थेदार पाल सिंह,सतनाम सिंह,राजेन्द्र सिंह इन्दोरिया,अमर सिंह,अमरीक सिंह,बाबा किशन सिंह,ज्ञानी केवल सिंह, जोगा सिंह,टीटू सिंह,हरनाम सिंह,सतवीर सिंह,हरबंस सिंह,महंत हरपाल सिंह,गुरमीत सिंह सेठी,पाली सेठी,गुरमीत गिल,बंटी ऑबराय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह एवं समन्वयक बंटी ग्रोवर ने बताया कि तीसरे दिन सवेरे 9 बजे गुरुद्वारा मंजी साहिब में अमृत संचार का कार्यक्रम होगा।और समागम हाल में सवेरे 10 बजे से 2 बजे तक कीर्तन कथा का दरबार होगा

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