कथा के माध्यम बनेगा छुआछूत व नशामुक्त भारत  

धार्मिक

भारत को विश्व गुरु बनाने के उपक्रम हैं कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार व सदाचार का प्रचार

वनवासी रक्षा परिवार फाउन्डेशन के दीक्षान्त समारोह में 90 कथावाचकों को प्रदान किए गए प्रमाण पत्र

आगरा। श्रीकृष्ण व रामकथा सिर्फ धर्म का ही नहीं बल्कि संस्कार, सदाचार, नैतिक शिक्षा के प्रचार-प्रसाद का भी माध्यम है। इन उपक्रम के बिना भारत का विश्व गुरु बनाना सम्भव नहीं। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन कमला नगर में आयोजित वनवासी रक्षा परिवार फाउन्डेशन के दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विश्व हिन्दु परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जिवेश्वर मिश्र ने कहा कि कथा के माध्यम से प्रशिक्षित बहन भाई ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में न सिर्फ धर्म भक्ति बल्कि राष्ट्र भक्ति का भी प्रचार करेंगे। उद्देश्य कथा के माध्यम से न सिर्फ धर्म संस्कृति का प्रचार बल्कि देश को नशा व छुआछूत मुक्त बनाकर प्रत्येक ग्राम को संगठित और सुरक्षित करना भी है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व कथावाचकों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत कर किया गया। वृन्दावन के स्वामी श्री रामदेवानन्द सरस्वती जी महाराज ने कथा वाचकों को आर्शीवचन देते हुए कहा कि अपनी शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र की एकता व अखण्डता को बनाए रखने के लिए काम करें। अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष राधाबल्लभ अग्रवाल ने किया। केन्द्रीय योजना प्रमुख सपन कुमार मुखर्जी ने बताया कि 6 माह के प्रशिक्षण के परान्त 4 केन्द्रों (डिबरूगढ़, नागपुर, नवदीप व वृन्दावन) के 90 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। आसाम की बहनों द्वारा बिहू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। केके गोयल के भक्तिमय भजनों पर सभी दर्शक भक्ति के रंग में भावविभोर हो गए। फाउन्डेशन द्वारा वरिष्ठ सहयोगियों का सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। संचालन श्रुति सिंघल ने किया। विशिष्ट अतिथि गोपाल गुप्ता, व अध्यक्षता सतीश मांगलिक ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से फाउन्डेशन के अध्यक्ष राधाबल्लभ अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, संयोजक संजय गोयल, महामंत्री भगवान दास बंसल, कोषाध्यक्ष रमेश मित्तल संजय मित्तल, शांति स्वरूप गोयल, विधायक महेश गोयल आदि मौजूद थे।

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