वनस्थली विधालय में पेरेंटिंग सेमिनार का आयोजन

सामाजिक

टीवी मोबाइल छुडाने के लिये कुछ समय बच्चें के साथ बितायें माता-पिता
आगरा।समाज के बदलते हुए परिवेश को देखते हुए आज माता पिता को अपने बच्चो की सफल परिवरिश करने के लिए बहुत कुछ सीखने की जरुरत है! जिसकी गंभीरता को समझते हुए आज दिनांक 25 मई को आगरा वनस्थली विधालय में पेरेंटिंग सेमिनार का आयोजन किया गया! कार्यक्रम का शुभारम्भ विधालय प्रवन्धक श्री वी.के. मित्तल जी माँ सरस्वती जी के सामने दीप प्रज्जवलित कर के किया, कार्यक्रम की मुख्य अथिति श्रीमती डॉ. स्वाति चन्द्रा रही!
सेमिनार में पेरेंट्स को बच्चो की परीक्षा के समय होने बाली गतिविधियों के बारे में समझाया गया ! पेरेंटिंग सेमिनार के मुख्या वक्ता निर्मेश राघव पेरेंटिंग ट्रेनर व् मोटिवेशनल स्पीकर ने बताया की किसी भी छात्र व् छात्रा को अपने आप को कमजोर नहीं समझना चाहिए भगवान ने हर बच्चे को दिमाग रूपी अद्भुत शक्ति दी है जिससे हम किसी भी गोल का प्राप्त कर सकते है! माता पिता को बच्चो की तुलना कभी भी दूसरे बच्चो के साथ नहीं करनी चाहिए, यदि पेरेंट्स दिन में सिर्फ बीस मिनट का समय बिना किसी व्यवधान के बच्चो के साथ बिताये तो परिणाम बहुत ही सकारात्मक होंगे, साथ ही उन्होंने बताया की कैसे हम बच्चो से मोबाइल और टीवी की लत को छुड़ा सकते है! पेरेंट्स को चाहिए की घर के अंदर हैल्थी वातावरण बनाये जिससे की बच्चे की छमता का पूर्ण रूप से विकास हो सके! यदि हम सिर्फ 21 दिन तक बच्चो के नकारात्मक आदतों के बजाय यदि सकारात्मक आदतों पर धयान केंद्रित करे तो नकारात्मक आदते अपने आप ही खत्म हो जाएगी! बच्चो को गिफ्ट के रूप में पेरेंट्स मोबाइल लैपटॉप और अन्य गैजेट देने के साथ ही मोटिवेशनल बुक्स को भी शामिल किया जाये तो बच्चे बहुत जल्द ही सफल हो सकते है! बच्चो के दिमाग का विकास 1 से 18 तक होता है जब बच्चा 18 साल तक पहुँचता है तो वह लगभग 5 लाख बार ना सुन चूका होता है और केबल 5 हजार बार हां सुनता है जिससे बच्चो का नजरिया नकारत्मक हो जाता है इसलिए पेरेंट्स का चाहिए की वे बच्चो के साथ सकारात्मक तरिके से पेश आये! साथ ही उन्होंने पेरेंट्स को सलाह दी की बच्चो पर ज्यादा नंबर लाने का दवाव न बनाये बल्कि उनकी वहुमुखी प्रतिभा को विकसित करने में उनकी मदद करे! पेरेंट्स बच्चो को हैल्थी डाइट के साथ साथ उसकी नींद पूरी होने पर भी ध्यान देना चाहिए! घर में अनुशासन बनाने के लिए पेरेंट्स पहले अपना टाइम टेबल व्यवस्थित करे तभी बच्चे को अनुशासन सिखाया जा सकता है! साथ ही उन्होंने बताया की पेरेंट्स को बच्चे के स्कूल में नियमित रूप से जाना चाहिए और बच्चे की प्रोग्रेस के बारे में स्कूल प्रिंसिपल व् क्लास टीचर से विचार विमर्श करना चाहिए!
कार्यक्रम के अंत में पेरेंट्स ने फीडबैक देते समय बताया की जो बाते उन्हें सेमिनार में बताई गयी है वो न केवल बच्चो की परवरिश के लिए ही उपयोगी है वल्कि उनके खुद के विकास के लिए भी उपयोगी है!
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नीलम शर्मा, निर्मल चैहान, संजय सार्थी, रणवीर सिंह, अमित, प्रवीण, रुचिका व् दिनेश मुख्य रूप से उपस्थित रहे! कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन मनीष मित्तल जी ने दिया!

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